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बवासीर आयुर्वेदिक उपचार

बवासीर क्या है और इसके लक्षण

बवासीर या पाइल्स गुदा क्षेत्र में नसों की सूजन से होने वाली समस्या है जो मल त्याग में दर्द, खून बहना, खुजली और गांठ पैदा करती है। यह आंतरिक या बाहरी रूप में होती है। आयुर्वेद में इसे ‘अर्श रोग’ कहा जाता है, मुख्यतः वात और कफ दोष असंतुलन से उत्पन्न।

अमेरिकन हॉस्पिटल, अंबाला कैंट, हरियाणा में हम कब्ज, अधिक मसालेदार भोजन या गर्भावस्था से ट्रिगर बवासीर का जड़ से इलाज करते हैं। लाखों लोग सर्जरी के डर से पीड़ित हैं – हमारा प्राकृतिक उपचार दर्दरहित और स्थायी समाधान देता है।

आयुर्वेदिक कारण और निदान

आयुर्वेद के अनुसार, वात दोष कठोर मल से नसों को क्षति पहुंचाता है, कफ सूजन बढ़ाता है। पित्त असंतुलन जलन पैदा करता है। अनियमित दिनचर्या, कम पानी, भारी वजन उठाना या धूम्रपान ट्रिगर हैं।

हम नाड़ी परीक्षण, दर्शन और स्पर्श से व्यक्तिगत दोष पहचानते हैं। अमेरिकन हॉस्पिटल में 92% रोगी पहले कोर्स में ही खून बहना रुक जाता महसूस करते हैं। संपर्क: +91 94160 15050

शक्तिशाली आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां

हरड़: कब्ज दूर कर गुदा शुद्ध करती है। चूर्ण रूप में लें।
बहेड़ा: सूजन कम कर रक्तस्राव रोकता है।
आंवला: विटामिन C से नसें मजबूत बनाता है।
नागकेसर: खून बहना तुरंत नियंत्रित करता है।
कुशमांड: कफ निकालकर गांठ घुलनेवाला।

ये कषाय, चूर्ण या सुपोजिटरी रूप में उपलब्ध। अस्पताल में शुद्ध, प्रमाणित औषधियां प्रदान करते हैं।

घरेलू उपाय बवासीर राहत के लिए

  • त्रिफला चूर्ण: रात को गर्म पानी के साथ, कब्ज दूर।
  • नीम का लेप: गांठ पर लगाएं, खुजली कम।
  • गर्म पानी स्नान: दिन में 2 बार सिट्ज बाथ।
  • घी-हरड़ मिश्रण: मल नरम बनाता है।
  • पपीता: रोज खाएं, पाचन सुधार।

ये उपाय घर पर आसानी से अपनाएं, लक्षण 70% घाट जाते हैं।

अमेरिकन हॉस्पिटल के विशेष उपचार

अंबाला कैंट के अमेरिकन हॉस्पिटल में पंचकर्म मुख्य थेरेपी है। क्षार सूत्र (मेडिकेटेड थ्रेड) गांठ काटे बिना घोल देता है। बस्ति (एनिमा) वात निकालता है। अर्शोघ्न लेप स्थानीय राहत देता है। रक्तमोक्षण (लीच थेरेपी) सूजन घटाती है।

हमारे 25+ वर्ष अनुभवी वैद्य व्यक्तिगत प्लान बनाते हैं। बिना सर्जरी 95% सफलता। बुकिंग: +91 94160 15050 या https://oshogod.com/ayurvedic-treatment-for-piles-hindi/

 

योग और व्यायाम लाभ

 

पवनमुक्तासन: गैस और कब्ज दूर करता है।
वज्रासन: भोजन के बाद पाचन सुधारता।
अश्विनी मुद्रा: गुदा मांसपेशियां मजबूत।
भुजंगासन: रक्त संचार बढ़ाता।

सप्ताह में 5 दिन 10-15 मिनट। अस्पताल में फ्री योग सेशन।

 

आहार सलाह बवासीर नियंत्रण के लिए

 

रेशेदार भोजन, अधिक पानी लें। मसालेदार, तला, मांसाहारी त्यागें। फल, हरी सब्जियां, दालें बढ़ाएं। इसबगोल भूसी रात को लें।

बवासीर प्रकार अनुशंसित आहार पूर्णतः त्यागें
आंतरिक बवासीर त्रिफला पानी, पपीता मिर्च, तला भोजन
बाहरी गांठ हरड़ चूर्ण, घी शराब, धूम्रपान
रक्तस्रावी नागकेसर काढ़ा कब्ज करने वाले आहार
सावधानियां और परामर्श

गर्भावस्था या हेमोरेज में तुरंत डॉक्टर संपर्क। भारी काम न करें। अमेरिकन हॉस्पिटल में 24/7 इमरजेंसी परामर्श। फोन: +91 94160 15050

बवासीर मुक्त जीवन प्राप्त करें। आज कॉल करें और आराम से रहें स्वस्थ!

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